दोस्तों आप सब का स्वागत है Barish Shayari in Hindi के लेख पर तो पढ़े।
बारिश महज एक शब्द नहीं है बारिश शब्द से जुड़ी एहसासो की भावना है बारिश की हल्की – हल्की बूंदे जब जमीन पर गिरती है तो ऐसा लगता है जैसे हमारे दिल पर गिरी हो, आसमान में बदलता मौसम हमारे दिल की भावना को भी बदलने लगता है बारिश की बुँदे हमे प्यार का भी एहसास दिलाती है और टूटे दिल का भी दर्द आंसू में डुबो देती है।
बारिश का एहसास हमेशा एक जैसा नहीं होता है जब मौसम बदलता है तो बारिश का एहसास भी बदल जाता है बदले हुए मौसम वाली वाली बारिश हमे यादों में डूबा जाती है लेकिन लगातार आने वाली बारिश कीचड़ – कीचड़ कर देती है सड़को ओर भी और हमारे दिल पर भी । इस लेख में आज हम बारिश शायरी इन हिंदी के द्वारा अनकही शायरी और भावना के बारे में चर्चा करेंगे जो सीधे आपके दिल पर उतर जाएगी।
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Barish Shayari in Hindi :- बारिश और प्रेम (जब बूंदों में धड़कता है प्यार)
बारिश और प्रेम दोनों ही भावनाओ की परिभाषा है जब हम किसी के साथ प्रेम में होते है तो बारिश की हल्की-हल्की बूंदे हमें प्यार का एहसास दिलाते है बारिश की बुँदे हमारे दिल को सुकून देती है बारिश की मीठी मीठी बुँदे दिल में बसी सारी यादे ताज़ा कर देती है बारिश प्यार का एहसास होती है जो की एक खुबशुरत वक़्त होता है।
ये बारिश की बूंदे, यादें तेरी सयानी,
फिर खोल गई दिल की वही पुरानी कहानी।
जब छूती है ठंडी हवा मेरे गालों को,
लगे जैसे तूने छुआ हो मेरी रानी।
बाहर झमाझम, चाय में भाप,
दिल में तेरी याद, मीठी सी चाय।
बूंदों ने छेड़ी फिर वही दिल की राग,
मौसम भी बोले—इश्क़ का पूरा है खुमार।
खिड़की पे बूंदों का शोर मस्ताना,
जैसे दिल ने फिर तेरा गीत गुनगुनाना।
तू दूर सही पर बसे दिल के पास,
ये मौसम भी कर गया तुझसे मिलाना।
Download Imageजहां बूंदों में धड़के प्यार का रंग,
वहां दिल बोल पड़े बिना तेरे संग।
बरस रे बादल, पर ज़रा रुक-रुक के,
दिल भागे तेरी याद में संग-संग।
आसमान रोये, मिट्टी महके,
तेरी याद में हम भी बहके।
रब से बस एक दुआ मांगते,
तू सलामत रहे, हम बस यही चाहते।
बारिश और जुदाई – जब बूंदें भी रोने लगती है
बारिश की बूंदों में सिर्फ प्यार की ही खुशबू ही नहीं होती बल्कि टूटे दिल की जुदाई भी होती है बारिश की एक – एक बूंद आपको अपने प्यार की याद दिलाती है और आप उनको बहुत याद करने लगते है आपके आँखों से गिरते आंसू आपके दिल का दर्द सारा बांया कर देता है।
बारिश सिर्फ खुशियों की बारिश नहीं लाती,
कभी-कभी ये टूटे दिल की बात भी बतलाती।
जब बिछड़ने का दर्द सीने में जागे,
हर बूंद जुदाई की फरियाद सुनाती।
आसमान रोये, आँख मेरी भी भर आये,
बूंदें गिरें, जख्म दिल के उभर आये।
दुनिया कहे – “बारिश में नहा रहा है”,
पर दर्द जाने, हम तेरी याद में बह रहे।
छत रोये, संग दिल भी टपकता जाये,
लम्हा-लम्हा जुदाई खटकता जाये।
लोग कहें मौसम आज बड़ा सुहाना,
पर भीतर का ग़म, धुएँ सा सुलगता जाये।
Download Imageबूंदों के शोर में सिसकियां खो जाये,
बीती वो रातें फिर आँखों में सो जाये।
जो बोले थे तुम – “साथ भीगेंगे जान”,
अब वही बातें दिल पर कहर बन आये।
डोर कच्ची थी, रिश्ता टूट जाये,
सावन आये पर तू रूठ ना जाये।
सोचा था संग भीगेंगे एक दिन,
अब अकेला बादल भी हमसे रूठ जाये।
बारिश और जीवन-दर्शन – जब मौसम सिखा देता है सच
बारिश और जीवन – दर्शन आपको जीवन की अच्छी सीख सिखाता है बारिश की गिरती हुई बुँदे आपको गिरना और उठना दोनों ही सीखा देता है जीवन की असली शुरुआत ही गिरकर उठने से होती है।
बूंद गिरे पर धरती को हरा कर जाये,
मिट्टी की प्यास को फिर से भरा कर जाये।
गिरना भी हार कहाँ, ओ मेरे यार,
कोशिश की धार सूखे रंग निखरा कर जाये।
बादल गरजे तो झुक जाये आसमान,
सादगी बोले यही असली पहचान।
ऊँचाई में प्यास बस और बढ़ती है,
झुकने में बसता है जीवन का असली ज्ञान।
बारिश आये तो धूल उड़ जाये,
पुरानी पत्ती हटे, नया फूल खिल जाये।
दुख धुले तो ही सुबह मुस्कुराती है,
आँख रोये तो दिल भी धुल जाये।
Download Imageधूप जले तो बूंद मीठी लग जाये,
इंतज़ार बढ़े तो जीत पक्की लग जाये।
जो ग़म की गर्मी में भी डटा रहे,
सावन भी उसके आंगन झुक जाये।
बूंद ना जात, ना मज़हब पहचान,
सब पे बरसे, राजा हो या किसान।
ज़िंदगी भी हो बारिश की रीत जैसी,
खुशियाँ बाँटो, यही असली शान।
बारिश और यादें – खिड़की पर लिखी कहानियाँ
बारिश की बुँदे जब ज़मीन पर गिरती है तो हमारी यादो की खिड़की खुल जाती है बचपन की यादे, दोस्तों के साथ बिताये पाल, स्कूल की मस्ती, ये सब यादो की एक डायरी बन जाती है जो हमे बारिश के वक़्त चाय की चुस्की के साथ याद आती है।
कांच पर बूंदें करें टक-टक की बोली,
जैसे यादों ने फिर वही पोटली खोली।
तेरा नाम उंगली से लिखूँ फिर मिटा दूं,
लगे बारिश भी खेले आँख-मिचोली।
पानी में छोड़ी बचपन की नैया,
दिल जोड़ लिया उन्हीं गलियों की छैया।
तरक्की की रेस में भागा तो सही,
पर पीछे छूट गई मासूम सी दुनिया।
Download Imageबाहर बरसे बूंदों का झमेला,
भीतर यादों का उमड़े मेला।
वो हँसी-ठिठोली, वो भीगा बचपन,
सब लौट आया जैसे गाँव का पुराना बचपन।
ठंडी हवा ने फिर तेरा ज़िक्र छेड़ा,
बारिश ने दिल का सब्र भी परखा गहरा।
जो कहानी रुकी थी पिछली बरसात में,
आज बूंदों ने उसे पूरा कर दिया देसी बात में।









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