हवा बाज़ो को राम राम, आप लोगो के लिए मैं Gangster Shayari In Hindi का लेख ले कर आया हूँ।
Gangster Shayari को एक उत्तेजित शब्द समझा जाता है और बहुत से मान्यो में बहुतो के लिए अच्छी शायरी है तो कुछ के लिए रौब, दबदबा, खून में उबाल, देसी डॉन वाला टशन, और गली-मोहल्ले का रियल स्वैग वाली शायरी है। बहुत शायरों ने इश्क़ पे श्यारी की, धोखे पर शायरी करी, पर कभी आपने ये सोचा की गैंगस्टर शायरी किसने की ???? आपको तो ये शायरी किसी किताब के पन्नों में भी नहीं मिलेगी, बल्कि सड़कों के अनुभव, मोहल्ले की बदमाशी में मिलेगी। जब कोई कहता है कि, “हमसे टकराना मत नहीं तो चूर चूर हो जाओगे,” तो वो सिर्फ लाइन नहीं कह रहा है बल्कि असल में धमकी दे रहा है।
तो दोस्तों यहाँ पर हम आपके लिए Gangster Shayari In Hindi में जबरदस्त जबरदस्त शायरी ले कर आये है जो आपके होश उड़ा देगी।
Gangster Shayari का Craze क्यों बढ़ रहा है?
एक वक्त था जब ऐटिटूड वाले शायरी की डिमांड ज्यादा थी पर अब गैंगस्टर शायरी की डिमांड का क्रेज आसमान पर है क्योंकि ऐटिटूड वाली शायरी सिर्फ शब्द लगते है पर गैंगस्टर शायरी के शब्दों में जो ताकत है, वो वो कही नहीं! आज का दौर Reels, WhatsApp Status, Instagram Bio, YouTube Shorts का है, और हर जगह एक ही चीज़ हिट है—IMPACT।
Gangster Shayari का क्रेज इसलिए है क्योंकि:✔ ये short शब्दों में डायरेक्ट mind पर छप जाती है
✔ जो ये शायरी लगाते है उसे Don वाली feeling आती है
✔ युवाओं में Bhau, Don, Mafia culture का influence बढ़ता है
✔ गैंस्टर शायरी शॉर्ट्स में ज्यादा चलती है मतलब छोटी छोटी लाइन्स में, ऐसे में आप इन लाइन्स को कही भी लगा सकते हो।
Table of Contents
Top Gangster Shayari In Hindi Categories
अब बात करते है कि, गैंगस्टर शायरी कितने प्रकार की होती है, नीचे हमने कुछ ऐसे शायरी को बताया है जो लोगो को बहुत पसंद आते है।
1. Don (डॉन) Shayari
डॉन मतलब टीम का वो मेंबर जिसने टीम की स्थापना की हो, डॉन शब्द में रोब होता है ये शांत लेकिन खतरनाक तरीके की शायरी होती है जो लोगो के बीच अपने आपको बड़ा दिखता है। नीचे कुछ बेहतरीन डॉन शायरी है जो आपको बहुत पसंद आयेगी।
खौफ का दूसरा नाम, हमारे नाम की कहानी है,
दहशत का अंदाज़ क्या जाने, ये तो बस जुबानी है।
जहाँ लोग साए से डरते, हम वहीं सल्तनत चलाते हैं,
डॉन की बस एक झलक में, अच्छे-अच्छों की हालत पानी है।
शहर तेरा सही, पर हुक्म हमारा चलता है,
डॉन की महफिल में तो सूरज भी, पूछकर ढलता है।
शेर के पंजे और हमारे इरादे, दोनों ही भारी हैं,
हमारा एक इशारा, साहब पूरी कायनात पलटता है।
भीड़ में एंट्री राजा करे तो गीदड़ शिकार करें,
हम अकेले ही काफी हैं, ये बात दिल में उतार लें।
जो समझे हम खत्म हो गए, वो गलतफहमी में जी रहा है,
बादशाह बदलते रहते हैं, पर डॉन की गद्दी खानदानी है।
Download Imageदुश्मनी करनी है तो हद में रहकर करना,
क्योंकि डॉन की किताब में “माफी” नाम का पन्ना नहीं होता।
पीठ पीछे वार कायर करें, ये रिवाज़ हमारा नहीं,
हम सामने से ठोकते हैं भाई, और निशाना कभी चूकता नहीं।
दुनिया जिसे खतरा बोले, वही हमारा शौक है,
पूरे इलाके में बस हमारे नाम का ही खौफ है।
हाथ मिलाने का ख्वाब भी मत पालना तू,
डॉन के साथ चलना साहब, मौत को देने जैसा इनवाइट जोक है।
2. Mafia (माफिया) Shayari
माफिया मतलब power और network, इस तरह की शायरी उन लोगो को भाति है जिनका ग्रुप सर्किल बड़ा हो। ऐसे बड़े ग्रुप में खुद को माफिया अंदाज में ज़ाहिर करने के लिए आपको हमारे द्वारा दी गयी शायरी का इस्तेमाल करना चाहिए।
खामोश हुकूमत है हमारी, शोर मचाना फ़ितरत नहीं,
हम सन्नाटा छोड़ जाते हैं, जहाँ बोलने की हिम्मत नहीं।
जो ज़्यादा हवा में उड़ते हैं, उन्हें मिट्टी से मिलाते हैं,
माफिया के फैसले में भाई, दलील नहीं बस कहानी ख़त्म कराते हैं।
दुनिया जिसे जुर्म कहे, वही हमारा रोज़गार है,
न कोई यार है हमारा, न किसी का इंतज़ार है।
हमसे उलझने से पहले सौ बार सोचना छोटे,
माफिया के एक इशारे पे, पूरा शहर बेज़ार है।
वफ़ादारी यहाँ सोने से तौली जाती है,
पर गद्दारों की क़िस्मत सीधी श्मशान में खोली जाती है।
हमसे हाथ मिलाना मतलब ज़िंदगी की वारंटी तोड़ना,
माफिया की दोस्ती में भी, बारूद की खुशबू घोली जाती है।
Download Imageकानून की किताबें हमारे जूतों की धूल पहचानती हैं,
पुलिस की गाड़ियाँ भी रास्ता देख कर करवट बदलती हैं।
हम अंधेरों में उजाला करने वाले वो नाम हैं,
हमारी एक नज़र से दुश्मनों की रूह तक काँपती है।
हम बादशाह नहीं साहब, बादशाह गढ़ने वाले हैं,
इस काली दुनिया के सबसे बड़े रखवाले हैं।
न खौफ किसी का, न झुकने का कोई इरादा,
हम माफिया हैं भाई, हम मौत को भी चकमा देने वाले हैं।
3. Bhau (भाऊ) Shayari
भाऊ नाम का इस्तेमाल पुरे भारत में सिर्फ एक ही जगह पर यूज़ किया जाता है और वो है :- मुंबई। यहाँ पर फुल देसी अंदाज में भाऊगिरी चलती है। तो अगर आप मुंबई में रहते है तो आपको हमारी शायरी का इस्तेमाल करना चाहिए।
भाऊ नाम ही काफी है, पहचान बताने को,
हम खामोश रहते हैं, शहर हिल जाता है मानने को।
जो आँख दिखाए, उसे आईना दिखा देते हैं,
भाऊ हैं हम साहब, साया भी इजाज़त लेकर आता है पास आने को।
ना शोर की आदत, ना भीड़ की दरकार,
भाऊ जहाँ खड़ा हो जाए, वहीं से शुरू हो सरकार।
हमसे जलने वालों की लिस्ट लंबी सही,
पर हमारे सामने सबके हौसले जाते हैं हार।
भाऊ की दोस्ती किस्मत वालों को मिलती है,
और दुश्मनी… सीधे अंजाम तक ले जाती है।
यहाँ वफादारी सर माथे रखी जाती है,
और गद्दारी बिना शोर के दफनाई जाती है।
Download Imageकानून किताबों में लिखा जाता है,
भाऊ का हुक्म वक्त की लकीरों में दिखा जाता है।
हम इशारा कम करते हैं, असर ज़्यादा होता है,
भाऊ का एक कदम, तख़्त पलट जाता है।
ना ताज की चाह, ना तख़्त का नशा,
भाऊ बनते नहीं, भाऊ होते हैं हमेशा।
जो समझे हमें हल्का, वो भूल कर रहा है,
भाऊ का वजूद ही काफी है, खत्म करने को हर तमाशा
4. Dushmani (दुश्मनी) Shayari
किसी के साथ रंजिश हो और उसको शायरी के माध्यम से जताना हो तो उसको दुश्मनी शायरी भेजे, लिख कर ले लो, हमारे द्वारा प्राप्त शायरी, सामने वाले के होश उड़ा देगी। ये शायरी पढ़ कर ही, सामने वाले का अंदाजा लगा देगा कि, इससे पन्गा नहीं लेना।
बराबरी की टक्कर चाहिए तो पहले औकात बना ले,
दिमाग में भरे फालतू वहम, पहले जड़ से हटा ले।
गीदड़ों की फौज लेकर शेर का रास्ता रोकेगा क्या,
हिम्मत है तो अकेले आ, और अपनी किस्मत आज़मा ले।
दुश्मनों की हर महफ़िल में बस हमारा ही नाम गूंजता है,
हमारी एक दहाड़ से ही, अच्छा-खासा हौसला टूटता है।
जो पीठ पीछे वार के आदी थे, अब सामने आने से डरते हैं,
क्योंकि उन्हें पता है, हमारा वार कभी खाली नहीं छूटता है।
दुश्मनी में जान लेना भी आता है, जान देना भी जानते हैं,
और गद्दारों को उनके अंजाम तक पहुँचाना भी मानते हैं।
अगर बच गए तो इसे अपनी किस्मत समझ लेना छोटे,
वरना हम आए ही थे, तुम्हारी पहचान मिटाने ही जानते हैं।
Download Imageउतना ही बोल जितना तेरे सब्र में दम हो,
उतनी ही दुश्मनी कर जितनी तेरी हैसियत में हम हो।
हम चुप हैं तो इसे हमारी कमज़ोरी मत समझ लेना,
तबाही मचाना हमारी आदत नहीं, हमारी फितरत में शामिल हो।
हम खामोश शिकारी हैं, ऐलान करके नहीं चलते,
शोर मचाने वाले अक्सर मंज़िल तक नहीं पहुँचते।
जब हिसाब होगा तो ऐसा बेमिसाल होगा साहब,
कि तेरे अपने भी फिर कभी, नज़र मिलाकर नहीं चलते।
5. Dosti (दोस्ती) Shayari
अब आप ये सोच में होंगे की गैंगस्टर शायरी में दोस्ती वाली शायरी कहा से आगयी। पर दोस्तों दोस्तों के बीच भी मजेदार अकड़ वाले या धासु शायरी भेजी जाती है जिसमे आप सामने वाले को अपना ऐटिटूड बताते हो। नीचे हमने कुछ दोस्ती पर शायरी साँझा कि है तो इन्हे पढ़े और कोई एक अपने दोस्तों के साथ शेयर करे।
जान देने वाली यारी का हिसाब ये ज़माना क्या लगाए,
हम वो हैं जो यार पे आ जाएँ तो सारा जहाँ ठुकराए।
रोज़ एक ही दुआ है ऊपर वाले से मेरी,
मौत भले आ जाए साहब, पर ये यार कभी छूट न जाए।
मेरे यार की तरफ नज़र उठाई तो अंजाम सोच लेना,
दुश्मन हो तो भी पहले अपनी औकात पहचान लेना।
हम अकेले नहीं चलते, यार ही हमारी ताक़त है,
दोस्ती की खातिर हँसते-हँसते कफ़न भी ओढ़ लेना।
महफ़िल की शान हैं हम, यारी का स्वैग बोलता है,
सड़कों पे चलते हैं हम, डर खुद रास्ता बदलता है।
दुनिया लाख कोशिश करे हमें जुदा करने की,
हर ठोकर के बाद हमारा रिश्ता और मजबूत होता है।
Download Imageना मतलब की दोस्ती, ना दौलत का कोई खेल है,
मेरे यार का साथ ही हर मुसीबत का हल है।
लोग ढूँढते हैं खुदा मंदिर-मस्जिद की चौखट पर,
मुझे तो मेरा खुदा मेरे यार की मुस्कान में ही मिल है।
पक्के यार – देसी स्टाइल, दिखावे से दूर रहते हैं,
जहाँ चालाकी नहीं, बस वफ़ादारी के फूल खिलते हैं।
वक्त जैसा भी हो, कंधे से कंधा मिल जाता है,
इसीलिए हमारी यारी के चर्चे पूरे शहर में चलते हैं।
6. Weapon (हथियार) Shayari
वेपन का मतलब बंदूक, कट्टा, गोली से है। इस तरह की शायरी वैसे लीगल नहीं है क्युकी ये शायरी वेपन्स को प्रोम्प्ट करती है पर हम जो शायरी आपके साथ ले कर आये है उनमे वेपन का इस्तेमाल नहीं है पर पढ़ने में आपको समझ आजाएगा की हम किस बारे में बात कर रहे है।
खिलौनों की उम्र में हमने बारूद से रिश्ता जोड़ लिया,
दुनिया की हर बंदिश को अपने तेवरों से तोड़ लिया।
हमसे उलझने से पहले एक बार दुआ ज़रूर कर लेना,
क्योंकि मौत की दिशा हमने, तेरी तरफ मोड़ लिया।
कमर पर लटकता लोहा महज़ हथियार नहीं होता,
दुश्मनों की किस्मत लिखने का ये औज़ार छोटा नहीं होता।
जब ये बोलता है तो इलाका खुद चुप हो जाता है,
डॉन की इस ताक़त के आगे, बाज़ार का हर लोहा फीका होता।
हथियार सब रखते हैं, पर चलाना हर किसी के बस की बात नहीं,
कमज़ोर हाथों में आ जाए तो, वो भी अपनी औकात नहीं।
कलेजा चाहिए बंदूक उठाने के लिए मेरे भाई,
सिर्फ लोहा रखने से कोई, इस खेल का डॉन नहीं।
Download Imageहम चुप हैं तो ये मत समझ कि हमारे पास औज़ार नहीं,
बस वक्त का इंतज़ार है, हम जंग में कभी बेकार नहीं।
जिस दिन म्यान से तलवार और होल्स्टर से सच निकलेगा,
उस दिन शहर में मातम होगा, कोई जश्न-त्योहार नहीं।
हवेली हो या अड्डा, सब थरथराते हैं,
जब हमारे हथियार सरेआम अपनी चमक दिखाते हैं।
हम गोली का हिसाब नहीं रखते, सीधे बराबरी करते हैं,
क्योंकि हथियार उठाने वाले, कभी माफ़ी नहीं माँगते हैं।






