गुस्सा हमारे दिल की भावना होती है जो हर एक इंसान में होती है कभी गुस्सा तो कभी खुशी की भावना हमारे दिल में होती है लेकिन गुस्से की भावना थोड़ा तेज़ और भरी होती है गुस्से की आग आपके तेवर बदल देती है गुस्से होने या करने के बहुत से कारण होते है गुस्से की आग हालत को समझ कर लगती है
Gussa Shayari in Hindi आपको आपके गुस्से की असली सच्ची बताते है गुस्सा शायरी आपकी उन भावना को आपके सामने लाकर रख देती है जो आपको पता भी नहीं होता। गुस्से में हम अनकहे शब्दो का इस्तेमाल करते है जो आपके रिश्ते ख़राब कर देते है और आपको सब से दूर आकर देते है।
गुस्से की आग, दर्द और तेवर को शब्दों में बयां करने का सबसे दमदार संग्रह आपको गुस्से की परिभाषा बताएंगे। जिस इंसान के कई रिश्ते होते है उसके गुस्से करने के भी कई कारण होते है आज हम उस बारे में ही बात करेंगे और आपको हमारे लिखे गए कोट्स समझ आएंगे और आप उस को समझ सके।
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गुस्से की शायरी का महत्व
गुस्से की शायरी आपको अपनी भावना भार निकलने का मौका देती है गुस्से की शायरी आपकी भारी आवाज को हल्का करने में मदद करती है रिश्ते में हुई अनकही बातें भी आपकी जुबान पर आ जाती है।
- गुस्से वाली शायरी आपके दिल का बोझ हल्का करती है जिससे आपको सकून मिलता है।
- गुस्से वाली शायरी आपको शब्दों को आवाज़ देती है, जिससे आपके अंदर की बात बाहर निकलती है।
- आप क्या कहना चाहते है और आप अपने मन में किस तरह की भावना रखते है वो बाते आपकी भावनाओं से व्यक्त होती है।
Best Gussa Shayari in Hindi Collection
1. तेज तेवर वाली गुस्सा शायरी
तेज तेवर वाली गुस्सा शायरी आपकी भावना को एकदम से सब के सामने रख देते है, जो अच्छी बात है इससे आपका मन शांत होता है।
लोग लगे थे हमें मिटाने, अपनी झूठी शान से,
पर वो क्या जाने, हम पैदा हुए हैं तूफान की खान में।
हम वो देसी आग हैं, जो अपनी लकड़ी से जलते है,
हमें फर्क नहीं पड़ता, कौन साथ चलता, कौन सड़ता।
चुप्पी को हमारी, कमजोरी मत मान ओ नादान,
हम वो दरिया हैं, जो बदल दें राह और मैदान।
जो सिर चढ़े बिना बात, उसकी फूँक दें अकड़,
हम मिट्टी में मिला दें, पल में सारी उसकी अकड़।
भेड़ों की कतार में, शेर कभी घबराता नहीं,
और हम जहाँ अड़ जाएँ, वहाँ कोई टिक पाता नहीं।
ये जो नए खिलाड़ी, उछलें हवा में रोज,
हमारी महफ़िल में नहीं चलता, इनका कागज़ी जोश।

बातों से समझ जाओ, तो बच जाओगे हुज़ूर,
वरना आँखों से ही हम, लिख देते हैं दस्तूर।
जो फालतू उड़ें आसमान मैं, बन के ज्यादा सयाने,
हम काट दें बीच राह में, इनके सारे परवाने।
नाम छोटा पर चर्चे, पहाड़ी ढोल से भारी,
दुश्मन भी बोले— तैयारी इसकी सबसे न्यारी।
जो जलते है तरक्की से, उन्हें जलने दो भाई,
क्योंकि अभी तो हमने दहशत की बीड़ी सुलगाई।
2. दर्द भरा गुस्सा
दर्द भरा गुस्सा आपको Emotional कर देता है क्योकि दर्द भरे गुस्से में आपके दिल की भावना जुड़ी होती है और यही भावना आपके अंदर के गुस्से को शायरी के द्वारा बाहर निकालता है।
हमने दिल खुला रखा, तुमने चालें खूब चलीं,
हमारी सादगी पर, तुमने हँसी-ठिठोली दिखाई।
अब दर्द को गुस्से की देसी भट्टी में झोंक दिया,
और तेरी यादों को भी हमने धुएँ में फूँक दिया।
अपनों ने सिखाया— यहाँ सगा भी कभी साथ नहीं देता,
चमकती बातों का बाजार, सच का नाम नहीं लेता।
अब गुस्सा इतना कि दिल में लावा सा बहता,
हमारी महफ़िल में अब उधार का सिक्का नहीं चलता।
ज़ख्म छुपे थे हँसी में, पर चिंगारी भीतर थी,
गुस्से की आँधी दिल में, धीरे-धीरे सुलगती थी।
दर्द ही अब हमारा देसी हथियार बन बैठा,
जो छेड़े हमें बेवजह, उसका गुरूर जल बैठा।

सोचा था तूने, हम रो-रो कर ढह जाएंगे,
तेरे हर ज़ुल्म को हम चुपचाप सह जाएंगे।
पर अब हम वो आग, जो चूल्हे से भड़कती,
तेरी गली से निकले तो पूरा शहर ढह जायेगा।
दिल टूटा है, पर हिम्मत पहाड़ी पत्थर सा भारी,
तेरी बेवफाई ही बनी अब हमारी अगली तैयारी।
अब न आँसू गिरेंगे, न दर्द की कथा दोहराएंगे,
तेरी औकात तुझे हम देसी तरीके से दिखाएंगे।
3. प्रेम में गुस्सा
प्रेम में गुस्सा कभी प्यारा तो कभी खतरनाक होता है प्रेम की परिभाषा हर किसी को समझ नहीं आती। दिलो की बात को समझाने के लिए शायरी ही काम आती है।
तुझसे इश्क़ है, तभी तेरे नखरे सिर-आँखों पर रखे,
वरना हम वो है, जो शेरों के भी तेवर परख के चले।
हमें हल्का न समझ, ओ दिल की रानी,
गुस्से में भी तेरे आगे पीछे चले।
मैं टेढ़ा देसी दिल, तू नाजुक सी डोर,
लड़ाई में शोर, पर प्यार में और भी जोर।
झगड़ें, रूठें, पर रहेंगे संग-संग,
क्योंकि तेरे बिना ये दिल लगे सूना हर संग।

गुस्सा भी हम बस दिल के मालिक पर जताते,
गैरों से मुस्कान में ही सलाम ठोक आते।
तू खास है, तभी तो तेरे आगे पीछे आते,
तुझ पर ही हम अपना पहला हक़ जताते।
सोचा तेरा गुस्सा हमें डर दिखाएगा?
अरे पगली, ये पहाड़ी छोरा तुझे ही मनाएगा।
4. स्वाभिमान गुस्सा
स्वाभिमान गुस्सा आपके खुद के स्वाभिमान के लिए होता है जो आपको किसी के सामने झुकने नहीं देता है।
झुकना हमें भाता नहीं, चाहे साँस थम जाए,
हम वो देसी पंछी, जो आसमान को छू जाए।
स्वाभिमान से खेला तो कहानी पलट देंगे,
गुस्से में हम इतिहास भी बना देंगे।
रोटी दो निवाले कम, पर इज्ज़त पूरी खाते,
हमने हाथ कभी नहीं फैलाएँ, सीना तान के आते जाते।
जो आँखों में आँख डाले, उसी को सच्ची बात सुनाते,
हम दोस्ती बस उसी से करते , जो दिल से दिल निभाते।

बातों में गुड़-सी मिठास, खून में हल्का उबाल,
हमें झुकाने की सोच भी बेकार का बवाल।
टकराए जो स्वाभिमान से, उसका घमंड गल जाए,
हमारे गुस्से की आँच से लोहा भी ढल जाए।
उसूल हमारे पक्के, बातें एकदम खरी,
दिमाग़ में ज़हर वालों से नहीं यारी गहरी।
इज्ज़त दो तो इज्ज़त लो, यही सीधा हिसाब,
वरना अकड़ वालों का हम कर दें साफ किताब।
5. शांत मगर खतरनाक
गुस्से की परिभाषा में एक गुस्सा शांत लेकिन खतरनाक वाला भी होता है लेकिन इंसान शांत होता है उसका गुस्सा असर खतरनाक होता है।
हम शांत हैं क्योंकि हमें अपनी शक्ति का ज्ञान है,
व्यर्थ का शोर मचाना हमारी दृष्टि में अज्ञान है।
हमारी निस्तब्धता को दुर्बलता समझने की भूल न करना,
गहरा जल ही प्रायः सबसे अधिक उग्र तूफ़ान है।
हम शब्दों से नहीं, समय से उत्तर दिया करते है,
जो सीमा से अधिक उड़ते हैं, उनके पंख काट दिया करते है।
अभी मौन है तो जग को लगता है हम पराजित हो गए,
पर यह तो आँधी से पूर्व की शांति का संकेत है।

सिंह जब शांत रहता है, तब शिकार सुनिश्चित होता है,
वह सियारों की भाँति व्यर्थ गर्जना नहीं करता है।
हमने भी अपने क्रोध को हृदय में बाँध रखा है,
जिस दिन यह मुक्त हुआ, नगर का हर कोना काँप उठता है।
नेत्रों में स्थिरता है, मस्तिष्क में तीक्ष्ण प्रहार,
हम शांति से ही शत्रु की नींव पर करते हैं वार।
हर बात पर चिल्लाना हमारा स्वभाव नहीं,
हम वह अग्नि हैं जो मौन रहकर भी मचा दे संहार।
वचनों से अधिक हमारे कर्म बोलते जाते है,
हमारा मौन ही विरोधी के रहस्य खोलते जाते है।
जो हमें सरल समझकर परीक्षा लेने आते है,
उन्हें क्या ज्ञात—यह शांत पुरुष ही भाग्य पलट जाते है।
गुस्से के प्रकार
1. खामोश गुस्सा – Silent Anger
खामोशी के गुस्से की कोई आवाज नहीं होती है वह गुस्सा एकदम शांत होता है खामोशी में रह कर गुस्सा करने वाला व्यक्ति मन में ही अपने गुस्सा और अपनी भावनाओं को रखता है।
2. रिश्तों का गुस्सा – Relationship Anger
जब रिश्ता अपनों से हो तो रिश्ते में किया गए गुस्से को हक़ का गुस्सा बोलते है जब कोई रिश्ता आपके दिल के सबसे कबीर हो तो आप उससे प्यार भी कर सकते है और गुस्सा भी क्योकि वो रिश्ता आपका है जिस पर आपका पूरा-पूरा हक़ होता है।
3. तंज भरा गुस्सा – Sarcastic Anger
तंज भरा गुस्सा थोड़ा तीखा होता है आपके दो शब्द सामने वाले को बहुत दर्द देते है इस गुस्से को पिछे से वार करने वाला गुस्सा बोलते है जिसने किसी और के द्वारा आप अपना गुस्सा निकलते है।
4. प्रेम और गुस्सा – Love + Anger
प्रेम ने गुस्सा होना या करना आपस की नोक-झोंक होती है कई बार गुस्सा नोक-झोंक वाला होता है तो कई बार गुस्सा लड़ाई – जगड़े वाला होता है लेकिन इस ही गुस्से में आपका सबर और आपकी परवाह दिखती है।
5. एटीट्यूड गुस्सा – Attitude Anger
जो व्यक्ति ऐटिटूड वाला होता है अक्सर उसमे गुस्सा दिखाई देता है ऐटिटूड वाला व्यक्ति अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाता है।
6. न्याय का गुस्सा – Anger for Self Respect
न्याय का गुस्सा आपके आत्मसम्मान का गुस्सा आता है जो की कही न कही सही भी होता है खुद के आत्मसम्मान के लड़ना या गुस्सा करना गलत नहीं होता है।
FAQ :- Gussa Shayari in Hindi
Q1. गुस्सा शायरी किसके लिए होती है?
गुस्से वाली शायरी उनके लिए होती जिस पर आप अपना पूरा हक़ समझते है अपने मन की भावना को खुल कर सामने रखना कहते है।
Q2. क्या गुस्सा शायरी रिश्ते खराब करती है?
नहीं, गुस्सा शायरी का परियोग अगर अच्छी भावना और अच्छे शब्दो में लिखी गयी है तो गुस्सा शायरी रिश्ते ख़राब नहीं करती।
Q3. Silent गुस्सा ज्यादा खतरनाक क्यों होता है?
Silent गुस्सा ज्यादा खतरनाक इसलिए ख़राब होती है क्योकि वह शांत होती है मन की भावना सिर्फ मन में रह जाती है जब तक अपने मन की भावना को बाहर नहीं निकल देते तब तक आपका दिमाग अच्छे से काम नहीं करता।

