राम राम भाइयो आप सबका स्वागत है Truck Shayari In Hindi के लिखे पर।
ट्रक शायरी दिल का सुकून है ट्रक बाकि सारे वाहन का गुरु है ट्रक को एक दमदार वाहन माना गया है ट्रक वाहन हाईवे रोड की धड़कन है ज्यादा तर ट्रक सड़को पर नहीं बल्कि हाईवे पर चलाये जाते है। ट्रक के पीछे शायरी लिखने का दौर आज से 60 – 70 साल पुरानी रीत है। ट्रक के पीछे शायरी लिखना कोई जरूरी नहीं है कि लिखना ही लिखना है शायरी को लिखने का मतलब है पढ़ने वाले के Face पर एक छोटी सी मुस्कान लेकर आना।
दुनिया में कई तरह के लोग होते है और उनकी भावना भी अलग – अलग तरह की होती है इसलिए ट्रक के पीछे अलग – अलग तरह की शायरी लिखी जाती है ताकि जो भी पड़े तो उनकी भावना उस शायरी से मिल सके और वह मुस्करा सके। इस लेख में ट्रक शायरी इन हिंदी आज कल सोशल मीडिया बहुत छाई हुई है क्योकि ये शायरी सब के लिए एक ट्रेंड हो गया है और इस ट्रेंड को हर कोई फॉलो कर रहा है
ट्रक शायरी इतिहास के समय से ट्रक के पीछे लिखते हुए आई है ट्रक की शायरी सिर्फ एक भावना पर आधारित नहीं होती है बल्कि ट्रक पर लिखी गयी शायरी अलग – अलग भावनाएं से जुड़ी होती है जैसे की – रोमांटिक, दर्द-भरी, कॉमेडी और चेतावनी और प्रेरणादायक शायरी जो आपको अपनी तरफ आकर्षित करती है। दोस्तों इस लेख में हम आपके लिए Truck Shayari In Hindi लेख लाये है।
Table of Contents
Truck Shayari In Hindi 2026 :- ट्रक शायरी दमदार संग्रह
रोमांटिक ट्रक शायरी
मांटिक ट्रक शायरी आपके लम्बे सफर को प्यार के यादों में बदल देता है प्यार में लिखी गयी शायरी ड्राइवर को तो सुकून देता है बल्कि पढ़ने वाला भी प्यार के धुँवे में खो जाता है
लंबी डगर, रंगीन सफ़र, बस तेरा ही चेहरे पर है मेरी नज़र।
ब्रेक लगाऊँ तो दिल करे धक धक, तू हो साथ तो ट्रक लगे चका चक।
डीज़ल में ताकत, धुएँ में शान, पर तेरे बिना सूना है जहान।
क्लच दबाते ही याद तेरी गूँजे, जैसे सड़कों पे तेरी बातें गूंजे।
हॉर्न में तेरा नाम बजता है, काँच पे तेरा फोटो सजता है।
लोग कहें धीरे चला ओ भाई, पर दिल बोले तू ही मेरी सजदा है।

ढलान कड़ी और मोड़ खतरनाक, पर प्यार तेरा है फुल बिंदास।
ब्रेक टूटे पर इश्क़ न हारे, तू ही इंजन, तू ही प्यास।
स्टेयरिंग पे हाथ, धड़कन में तू, मेरी हर राह की तड़पन में तू।
टायर घिसे, पर प्रीत न फिसले, ढाबे की चाय वाली सिसकन में तू।
दर्द-भरी ट्रक शायरी
दर्द भरी ट्रक शायरी दूर के रस्ते को और लम्बा कर देता है जब दिल में दर्द हो तो आप अकेला महसूस करते है और आप यादों में डूबे रहते है। आपके दिल कर दर्द आपके मुंह में झलकता है।
दिल हमने लगाया था, उसने खेल रचा दिया,
चलती हुई जिंदगी में जहर मिला दिया।
हम खाली ट्रक लिए सड़कों पर डटे रहे,
उसने डोली कहीं और गैरों में सजा दिया।
सफ़र नसीब में था, सो पहिए घुमा दिए,
अपने ही जख्म दे गए, पराए दुआ दिए।
पीछे लिखा है – जलने वाले तेरा मुँह काला,
पर उसका क्या जिसने दिल में ही शोले जला दिए।
टैंक में भरा है डीजल, आँख में खारा समुद्र,
ड्राइवर की मोहब्बत निकली टूटा हुआ कैलेंडर।
गियर बदलूँ तो याद तेरी चीख़ सुनाए,
रात काली बोले – बेवफ़ा थी तू अंदर ही अंदर सताए।

घर छोड़ा, दर छोड़ा, शहर का हर गली-मोहल्ला छोड़ा,
तूने राह भी छोड़ी और दिल का भी क़ब्ज़ा छोड़ा।
अब ट्रक ही बसेरा और सड़क ही ठिकाना,
अपने ही शहर में किस्मत ने कर दिया हमें अकेला-दीवाना।
हॉर्न बजे तो दुनिया साइड हट जाए,
दिल टूटे तो कोई लौट न पाए।
टायर घिस गए मंज़िल-ए-इश्क़ के चक्कर में,
वो घर बैठे किसी और के साथ मुस्काए।
मज़ेदार और देसी ट्रक शायरी
मज़ेदार और देसी ट्रक शायरी आपको हँसा देती है आपने अक्सर देखा होगा ट्रक के पीछे लिखी गयी शायरी मजेदार और देसी भाषा में लिखी जाती है।
पी–पी करते आए हो, पों–पों में उड़ जाओगे,
ज़्यादा हॉर्न मारा तो सीधा ऊपर पहुंच जाओगे।
बुरी नज़र वाले तेरा मुँह हो जाए काला,
पंगा लिया तो समझ, किस्मत ने बजाया तेरा ताला।
धीरे चले तो गली–गली मिलेंगे,
तेज़ भगाए तो हरिद्वार में दिखेंगे।
ओवरटेक के शौकीन, शान मत झाड़ो,
आगे निकलना है तो पहले नया इंजन फाड़ो।

डीजल की महंगाई ने जेब हलाल कर दी,
उसकी यादों ने नींद बेहाल कर दी।
घरवाली बोले – जल्दी घर आना,
ट्रक बोले – अब पूरी जगह घूमना।
ये ट्रक मेरी जान की सरकार है,
लोहे की बॉडी, पर चाल दमदार है।
गड्ढों में भी उछल के जीना पड़ता है,
ड्राइवर हूँ साहब, हर मोड़ सीना तान के जाना पड़ता है।
एटीट्यूड और बादशाही ट्रक शायरी
जैसे ट्रक सब का बादशाह होता है वैसे ही ट्रक के पीछे लिखी गयी शायरी भी एटीट्यूड और बादशाह की तरह लिखी जाती है ताकि पढ़ने वाले को भी महसूस हो की ड्राइवर एक बादशाह है।
सड़कें मेरी, राज भी मेरा, ये ट्रक सल्तनत का परचम भी मेरा,
ड्राइवर का स्वैग शेर जैसा, दिल में ना रखते हैं भरम।
देख मत पगली, नज़र लगे तो रफ़्तार और बढ़ जाएगी,
तेरी सोच छोटी पड़ जाएगी, मेरी राह आसमाँ छू जाएगी।
हम डर कर मोड़ नहीं लेते, हम इतिहास बदल देते है,
ट्रक जहाँ मुड़ जाए, सड़क वहीं से खुद निकाल देते है।
इंजन की गरज में खौफ, गियर में आफ़त का पैगाम,
पहिए जब बात करें, धरती भी बोले — सलाम।

हम इशारों पर नहीं चलते, हम खुद रास्ता लिखते है,
धूप हो या छाँव, कदम नहीं रुकते, हम वक़्त से दिखते है।
लोग मंज़िल तक सड़क खोजें, हम मंज़िल को पास बुला ले,
ट्रक जहाँ से गुज़र जाए, राह वहीं से रास्ता निकाल डालें!
लोहे की बॉडी, फौलादी सीना, जिगर में आग का शहर,
टकराने का ख़्वाब मत देख, यहाँ पहिए भी रखते है लहर।
बुरी नजर वाले चश्मा पोंछ ले, वरना खेल खत्म हो जाएगा,
धुएं की चादर उठेगी ऐसी, तेरा हर रास्ता खो जाएगा!
चेतावनी और ट्रक कोट टाइप शायरी
ट्रक के पीछे लिखी गयी शायरी सिर्फ प्रेम और दर्द वाली ही नहीं होती बल्कि चेतावनी वाली भी होती है जो हमें चेतावनी भी देती है की ड्राइविंग ध्यान से करे जो हमें गलती करने से रोकती है।
दूरी रख भाई, वरना लफड़ा हो जाएगा,
जो टकराया हमसे, कीचड़ में सो जाएगा।
ब्रेक मेरे कच्चे नहीं, इरादे फौलादी है,
पास मत आ बाबू, हाईवे की आफ़त हम ही है।
आगे भागने का जोश, तुझे ऊपर ले जाएगा,
सब्र नहीं रखा तो श्मशान दिख जाएगा।
ये हाईवे है भाई, कोई खेल का मैदान नहीं,
गलत कट मारा तो बचेगा कोई निशान नहीं।
बुरी नज़र वाले, दुआ की लाइन पकड़ ले,
जलने से अच्छा, किस्मत की फाइल पढ़ ले।
रफ़्तार मेरी देख तू क्यों सुलगता है?
मालिक की कृपा है, तभी ट्रक मेरा गरजता है।

रात की सड़क, डिपर हद में ही मार,
चमका ज़्यादा तो मंज़िल बनेगी हार।
रोशनी अपनी, औकात में रखना भाई,
वरना राह में मिल जाएगी हार।
यमराज से अपना सीधा करार है,
जो साइड दबाए, वो ऊपर तैयार है।
मेरे ट्रक के आगे, शेर के पीछे मत आना,
वरना घर नहीं, सीधा बादलों में ठिकाना तैयार है।
रात और हाईवे ट्रक शायरी
रात और हाईवे ट्रक शायरी हमें हमारे सफर को और ज्यादा मजेदार बनाती है क्योकि रात का समय सुकून भरा होता है खली सड़को की रफ़्तार हमे सोने देती बल्कि हमारे सफर को छोटा बना देती है।
हाईवे पे सन्नाटा, तारों की बारात है,
ट्रक और मेरे बीच, यादों की ही बात है।
सो गई है दुनिया, पर मैं चलू हालात में,
मंज़िल को खोज रहा, रात के अँधेरी जज़्बात में।
हाईवे की लाइटें रोज आँख मटकाती हैं,
तेरी यादें आज भी दिल को सहलाती हैं।
डिपर की चमक में तेरा चेहरा खोजता हूँ,
रात की धड़क में मैं खुद को झोंकता हूँ।
चाँद भी साथ चले, राह भी बेअसर है,
रात के सफ़र में तू ही असली हमसफ़र है।
टायर की सरसर में तेरी कहानी जागे,
सड़क की ख़ामोशी में तेरी निशानी जागे।

नींद बोले रुक जा, जिम्मेदारी बोले चल जा,
काली सड़क कहे — घर की यादों में ढल जा।
पैर थके, पर गियर का धर्म निभाना है,
रोटी की ख़ातिर रात से भी टकराना है।
मीलों की दूरी, चाय का ठिकाना है,
ढाबे की गर्मी में ही सुकून पाना है।
घर में सोए अपने, चैन की चादर ताने,
ड्राइवर का बसेरा सड़क, वही दोस्त पुराने।

